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आज दो अभी दो सोलह साल का हिसाब दो

-गांव बचाओ यात्रा-

डॉ.अनिल जोशी बोले, बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे पहाड़ के लोग

ऋषिकेश।
सोमवार को हरिद्वार से ऋषिनगरी पहुंची गांव बचाओ यात्रा का नटराज चौक पर स्वागत किया गया। पैदल मार्च करते हुए यात्रा दून मार्ग स्थित व्यापार सभा भवन पहुंची। यात्रा संयोजक पदमश्री डॉ.अनिल जोशी ने कि प्रदेश के गांवों में निराशा का माहौल है। राज्य गठन के 16 वर्षों बाद भी पहाड़ में लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। बुनियादी सवालों को लेकर दोनों प्रमुख राजनैतिक पार्टियां चुप हैं। उन्होंने गांवों को शहर से जोड़ने की वकालत की। कहा कि शहर के विचार गांव के काम आ सकें, इस कार्ययोजना के साथ काम करने का वक्त आ गया है। कहा कि चुनाव का समय आ गया है, वोट की चोट देकर इनको सबक सिखाना है। वहीं, रियल एस्टेट कारोबारियों ने यात्रा का स्वागत किया। इस मौके पर वीरेन्द्र पैन्युली, पीपी डंगवाल, अनिल चंदोला, अनिल कुकरेती, दिनेश कोठारी, कुसुम जोशी आदि मौजूद रहे।

नेता यहां पोस्टर में दिखता है
डॉ.अनिल जोशी ने कुमाऊं के बेरीनाग क्षेत्र का जिक्र किया। बताया कि स्थानीय लोगों में आक्रोश था कि उनके क्षेत्र में नेता पोस्टर में दिखाई देते हैं। जब समस्याओं के समाधान की बात आती है तो सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं।

सरकार तो नही पर शराब जरूर मिली
डॉ.अनिल जोशी ने उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों का हवाला दिया। कहा कि जौलजीवी, धारचूला, चकराता में सरकार नाम की कोई चीज है भी की नहीं, कहीं दिखाई नही दिया, लेकिन शराब हर जगह दिखाई दी।

गांव बचाओ यात्रा
गांव बचाओ यात्रा गांधी जयंती पर दो अक्तूबर को विकास नगर से शुरू हुई थी। 24 दिन के सफर को पूरा कर सोमवार को यात्रा हरिद्वार से ऋषिकेश पहुंची। यात्रा का समापन मंगलवार को देहरादून में होगा। डॉ.अनिल जोशी ने बताया 700 गांवों की 1800 किमी की यात्रा के दौरान लोगों में राजनैतिक पार्टियों के प्रति गहरा रोष देखने को मिला।

10 मुद्दे बनाकर एकजुट हो जाओ
डॉ.अनिल जोशी ने कहा कि गांवों की यात्रा के दौरान वहां के स्थानीय लोगों ने एक महत्वपूर्ण बात कही है। उन्होंने राजनैतिक पार्टियों से विकास के किन्ही 10 मुद्दों पर एक हो जाने की बात कही। कहा कि सरकार जिसकी भी आए, विकास के मुद्दों से कोई न भटके।

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गढ़वाल-कुमाऊं को बांट रहे नेता
डॉ.अनिल जोशी ने कहा कि नेता गढ़वाल-कुमाऊं के बीच खाई खोदने का कार्य कर रहे हैं। जबकि राज्य आंदोलन में गढ़वाल और कुमाऊं दोनों का बराबर योगदान है। उन्होंने कहा कि आजकल ट्रेंड हो गया कि सीएम कुमाऊं का होगा तो प्रदेश अध्यक्ष गढ़वाल का होगा। उन्होंने नेताओं को चेतावनी दी कि छोटे से राज्य में ऐसी खाई न खोदें।

सीएम पर कटाक्ष
डॉ.अनिल जोशी ने सीएम हरीश रावत पर कटाक्ष कर कहा कि उन्हें अपनी घोषणाओं के बारे में खुद ही नहीं पता है। सीएम कहते हैं कि उन्होंने इतनी घोषणाएं कर दी हैं कि अगली बार आने पर कोई कार्य करने की जरूरत ही नहीं है। कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने छोटे से राज्य को 16 वर्षों में घोषणाओं का प्रदेश बनाकर रख दिया है।


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