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रिहायशी इलाकों में हाथी रोकने को जुटा वन विभाग

मस्तकाल में हाथी को जंगल में रोकने के चल रहे प्रयास

ऋषिकेश।
रिहायशी क्षेत्रों में हाथी की चहल-कदमी रोकने के लिए वन विभाग ने कसरत तेज कर दी है। जंगल में सूखे जलाशयों को तलाश कर उनमें पानी भरा जा रहा है। दूसरी ओर जंगल से सटे इलाकों में गहरी खाई खोदने का काम भी चल रहा है। वन विभाग का प्रयास हाथी को जंगल के भीतर ही रोकना है।
नवंबर शुरू होते ही वन विभाग हाथी से लोगों की सुरक्षा में जुट गया है। जनवरी माह तक हाथी का मस्तकाल रहेगा। इन दिनों हाथी का स्वभाव काफी उग्र और हिंसक होता है। लिहाजा ऋषिकेश वन विभाग ने इससे निपटने के लिए पहले से ही तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग के सामने सबसे पहली चुनौती हाथी को रिहायशी इलाकों में जाने से रोकना है। हाथी को सबसे बड़ी जरूरत पानी की होती है। इसकी खोज में वे जंगलों को छोड़कर इंसानी बस्तियों का रुख करते हैं।
लिहाजा वन विभाग जंगलों में सूखे जलाशयों की तलाश कर उनमें पर्याप्त पानी भरने में जुटा है। वहीं जंगलों से सटे इलाकों में ऊर्जा बाड़ भी लगाई जा रही है। बीवीवाला बीट अंतर्गत वन विभाग भट्टोवाला, बडीर, रूषा फार्म, गुलरानी, नेपाली फार्म और ठाकुरपुर क्षेत्र में एक-एक किलोमीटर ऊर्जा बाड़ व दीवार लगाने जा रहा है। रेंजर गंगासागर नौटियाल ने बताया कि इन दिनों वे अपनी टीम के साथ मिलकर जंगल से सटे रिहायशी इलाकों में हाथी सुरक्षा से संबंधित जनजागरूकता अभियान भी चला रहे हैं।
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मॉर्निंग वॉक वालों पर लगेगी पाबंदी
हाथियों से सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग ने ऋषिकेश वनक्षेत्र से सटे हाईवे को डेंजर जोन घोषित किया है। इसमें मॉर्निंग वॉक और शाम को टहलना मना किया गया है। वहीं बाहर से ऋषिकेश घूमने वाले पर्यटकों को भी वाहन जंगल के आस-पास खड़ा न होने की सूचना अंकित की जा रही है।


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