Home » OTHER » नगर पालिका ऋषिकेश को मिलेगा नगर निगम का दर्जा

नगर पालिका ऋषिकेश को मिलेगा नगर निगम का दर्जा

ऋषिकेश।
चुनावी मौसम में हरीश रावत सरकार ने ऋषिकेश को नगर निगम का तोहफा दिया है। मंगलवार को देहरादून में हुई कैबिनेट बैठक में नगर पालिका ऋषिकेश को नगर निगम का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव पास हुआ। इससे ऋषिनगरी में खुशी का माहौल है। कांग्रेसी जहां राज्य सरकार के निर्णय को ऐतिहासिक बताकर जश्न मना रहे हैं। वहीं, भाजपा इसे महज चुनावी शिगुफा बता रही है। मंगलवार को कैबिनेट में जैसे ही कैबिनेट से नगर निगम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली ऋषिनगरी के लोगों ने निर्णय का स्वागत किया। सोशल साइटों पर फैसले को लेकर बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया।

अधिसूचना जारी होते ही पालिका बोर्ड होगा भंग
नगर पालिका ऋषिकेश को नगर निगम का दर्जा देने के प्रस्ताव पर अधिसूचना जारी होने के बाद पालिका बोर्ड स्वत: ही भंग हो जाएगा। एक-दो दिन में आचार संहिता लगने का अनुमान जताया जा रहा है। ऐसे में सूत्र मंगलवार रात ही अधिसूचना जारी होने के कयास लगा रहे हैं।

कांग्रेस ने की आतिशबाजी, बजे ढोल-नगाड़े
शाम पांच बजे कांग्रेस कार्यकर्ता रेलवे रोड स्थित कांग्रेस भवन में राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत करने पहुंचे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर और ढोल बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार के फैसले से नगर क्षेत्र की सुविधाओं में इजाफा होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई और लाइट व्यवस्था दुरस्त होगी। निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। जश्न मनाने वालों में नगर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष शिवमोहन मिश्रा, जयेन्द्र रमोला, सभासद अरविन्द जैन, मदन मोहन शर्मा, बृजेश निगम, मुमताज हाशिम, विवेक तिवाड़ी, गौरव राणा, गौरव झा, सौरभ नैथानी, जितेन्द्र पाल, राजकुमार तलवार, मृत्युंजय राजभर, अजय धीमान, मनोज त्यागी, अमनदीप सिंह, जगजीत सिंह, अमन शर्मा, अशोक शर्मा, नरेन्द्र चौहान आदि शामिल थे।
101
भाजपा ने महज चुनावी शिगूफा बताया
भाजपा विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल ने कांग्रेस सरकार को पांच साल बाद उनके क्षेत्र का ध्यान देने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही कहा कि ऋषिकेश को पहले ही नगर निगम बनाया जाता तो कुछ लाभ मिलता। एक-दो दिन में चुनाव आचार संहिता लगने वाली है। ऐसे में यह सिर्फ चुनावी शिगुफा है। वैसे भी बापूग्राम, शिवाजी नगर के लोगों की पहली मांग राजस्व ग्राम बनाने की थी। राज्य सरकार ने एक बार फिर लोगों की आंखों में धूंल झोंकने का काम किया है।

राज्य आंदोलनकारी ने महज घोषणा कहा
राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी ने नगर निगम का दर्जा मिलने को महज चुनावी स्टंट बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन को लेकर बजट स्वीकृत करने और खातों में पैसा आने की घोषणा की थी लेकिन आज तक सीएम की घोषणा धरातल पर नहीं उतरी है। चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों के खाते में एक भी पैसा नहीं आया। उन्होंने नगर निगम की घोषणा को चुनावी घोषणा करार दिया। कहा कि झूठी घोषणा करने और धरातल पर कार्य नहीं करने पर जनता आगामी चुनावों में सबक सिखाएगी।

जताया संदेह, कहा-नहीं हुआ है प्रक्रिया का पालन
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और नगर उद्योग व्यपार मंडल के महामंत्री जयदत्त शर्मा ने ऋषिकेश को नगर निगम बनाए जाने का स्वागत किया है। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार के निर्णय पर संदेह भी जताया है। उन्होंने कहा कि महज चुनावी लाभ लेने के लिए सरकार दिखावा कर रही है। उनका कहना था कि नगर निगम बनने के लिए एक लाख की आबादी का मानक है। वन क्षेत्र को शामिल कराए जाने के लिए लोगों की आपत्तियों का निस्तारण नहीं किया गया है। ऐसे में वन क्षेत्र अभी तक नगर निगम में शामिल ही नहीं हुए हैं। बापूग्राम का मामला हाईकोर्ट में भी चल रहा है जिसका कोई निर्णय नहीं आया है। नगर निगम बनाए जाने का प्रस्ताव डीएम, कमिश्नर के माध्यम से सरकार को भेजने का प्रावधान है लेकिन इस प्रकिया का भी यहां पालन नहीं हुआ है। ऐसे में यह सिर्फ राज्य सरकार का चुनावी शिगुफा है।


Leave a Reply