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अब पूरी की बहुगणा परिवार ने पिता की अंतिम इच्छा

विजय बहुगणा के बाद रीता ने भी दिया कांग्रेस को झटका

दिल्ली।
अगले साल के प्रारंभ में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को आज उस समय बड़ा झटका लगा जब पार्टी की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी भाजपा में शामिल हो गईं। उन्होंने राहुल गांधी के पार्टी चलाने के तौर तरीके और सेना के लक्षित हमले पर उनकी प्रतिक्रिया को लेकर निशाना साधा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिवंगत हेमवती नंदन बहुगुणा की 67 वर्षीय पुत्री रीता बहुगुणा जोशी आज भाजपा मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो गईं।
उत्तर प्रदेश प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रीता जोशी ने आज कांग्रेस विधायक के पद से इस्तीफा दे दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा का कोई विकल्प नहीं है। रीता बहुगुणा जोशी के बारे में माना जा रहा था कि वह शीला दीक्षित को उत्तर प्रदेश में पार्टी के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने को लेकर नाखुश थीं। जोशी ने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति की आलोचना की और कहा कि यह खराब स्थिति में है और उसने अपना कामकाज रणनीतिकार प्रशांत किशोर को ठेके पर दे दिया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा लक्षित हमले के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ ‘दलाली’ करने जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की निंदा करते हुए पार्टी की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जो कुछ हुआ, उसे लेकर वह काफी आहत थीं।
जोशी ने कहा, ”भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा है और मोदी सरकार ने सेना को खुली छूट दी है। हमले के पीछे सेना के पराक्रम के साथ सरकार के मजबूत नेतृत्व की भी भूमिका थी।’’ राहुल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ”पूरे देश के साथ मैं भी इससे खुश थी। पूरी दुनिया ने हमले के बारे में भारत की दलील को स्वीकार किया। कांग्रेस ने हालांकि एक छोटी पार्टी जैसा व्यवहार किया और सवाल उठाया। पूरा देश ‘खून की दलाली’ जैसे मुहावरे के इस्तेमाल से क्षुब्ध हो गया।’’
115रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि उनकी (राहुल) टिप्पणी से पाकिस्तान को लक्षित हमले पर सवाल उठाने का मौका मिल गया। राष्ट्र हित से जुड़े मुद्दों राजनीतिक मतभेद ठीक नहीं है। जोशी ने कहा कि उन्होंने अपने 27 वर्ष के राजनीतिक कैरियर में 24 वर्ष कांग्रेस में बिताये और केवल 10 महीने समाजवादी पार्टी में रहीं। उन्होंने कहा, ”कांग्रेस छोड़ने का निर्णय आसान नहीं था। हालांकि देश और राज्य के हित में मैंने यह कदम उठाया।’’


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